Extra marital affairs यानि पति पत्नी के शादी के बाहर संबंध क्यों हो जाते है, इनसे कैसे बचे जानिए!

Extra marital affairs यानि शादी के बाहर अनैतिक संबंध क्या है, क्यों होते है और हल क्या है!: 

आजकल शादी के बाहर पति पत्नी के किसी पराए मर्द या औरत संबंध होना सामान्य सी बात प्रतीत होने लगा हैं। आए दिनों सुनने में आता है कि उसके पति का ऑफिस की लड़की से अफेयर हैं, तो कही पत्नी का किसी मैनेजर से संबंध हैं। कभी पड़ोसी से तो कभी कॉलेज के लड़कों से तो कभी दोस्तों से। वैसे तो कानूनी रूप से यह कोई गलत नहीं माना जाता है, क्योंकि वयस्क का अपनी मर्जी से जीवन जीने का स्वतंत्र अधिकार है। फिर भी ऐसी खबरों से समाज के नैतिक ताना बाना को नुकसान पहुंचता हैं। ऐसे संबंध समाज की दृष्टि में अनैतिक माने जाते है फिर चाहे आप कितने ही तर्क वितर्क करे। इस समस्या पर आखिर पति पत्नी कोई दूसरे का विश्लेषण करना जरूरी है कि उनका हमसफर या पार्टनर आखिर धोखा क्यों दे रहा हैं। हम अपने अनुभव और कई महान मानसिक वैज्ञानिकों के वक्तव्यों के आधार पर कुछ कारण बताने जा रहे है, जिससे पति हो या पत्नी, शादी के बाहर संबंध बनाने को मजबूर हो जाते हैं। 

वास्तव में शादी के बाद पति पत्नी का रिश्ता विश्वास की नाजुक दौर पर टिका रहता हैं। थोड़े से अविश्वास के झटके से पति पत्नी के संबंधों दरार पैदा होने में देर नहीं लगती हैं। जैसे ही पति पत्नी के वैवाहिक जीवन में वार्तालाप या तर्क वितर्क के दौरान विश्वास और अविश्वास, धोखा, ध्यान नहीं देते हो, मेरी तो पड़ी नही है, उसका पति कितना ध्यान रखता है, तुम्हे तो बस काम काम आदि शब्दों का उपयोग होने लगता है तो मान लीजिए कि आपका रिश्ता बहुत ही नाजुक दौर से गुजर रहा है। यदि समय रहते आप ने अपने जीवन से उपरोक्त शब्दों को तुम पर विश्वास है, तुम कितनी प्यारी लग रही हो, तुम मेरा कितना खयाल रखते हो, चलो आज डिनर डेट पर चलते है, यार छुट्टी लेकर कही घूमने चलते हैं आदि शब्दों में नही बदला तो दोनो के रिश्तों के बीच तीसरे इंसान को घुसने से कोई नहीं रोक सकता हैं। 

पति पत्नी के वैवाहिक जीवन में extra marital affairs यानि शादी के बाहर संबंध बनाने के मुख्य कारण ये हैं।

1. एक दूसरे पर ध्यान न देना: पति पत्नी के संबंधी के बीच के तीसरे इंसान की घुसने के कारण में पति पत्नी का एक दूसरे पर ध्यान नहीं देना एक मुख्य वजह हैं। कभी आपने सोचा है कि पत्नी या पति की पहली बार और आखरी बार कब प्रशंसा की थी। रोजमर्रा की जिंदगी में पति और पत्नी की भूमिका बहुत अहम होती हैं। पत्नी को घर के अंदर का प्रबंध यानि राशन से लेकर भोजन तैयार करने तक, बच्चों को उठाने से लेकर स्कूल भेजने तक, घर के बुजुर्गो के खाने से लेकर उनकी समय पर दवाइयों का प्रबंध, पति के कपड़े धुलने से लेकर ऑफिस जाते समय लगने वाली हर चीज तैयार रखने तक का बखूबी ध्यान रखती है तो पति घर से बाहर का प्रबंध यानि समय पर ऑफिस पहुंचने से लेकर शाम तक काम खत्म करना, घर के दूध वाले से लेकर बच्चों की फीस तक, घर की दवाइयां से लेकर ईएमआई के भुगतान तक, शाम को जरूरी चीजों को लाने तक आदि का काम बड़ी तन्मयता से निभाता हैं। जिंदगी के इन कसमाकस भरे लम्हों पति पत्नी अक्सर एक दूर की तरफ ध्यान देना भूल जाते हैं। इससे दोनो को अपनी जिंदगी नीरस लगने लगती हैं। यही नीरसता, अकेलेपन को जन्म देती है। इसी अकेलेपन के दौरान जब कोई तीसरा आपके सुख दुख का ध्यान रखने लगता है तो उस तीसरे से नजदीकियां बड़ना लाज़िमी हैं। पति पत्नी जब घर बनाने के लिए इतनी मेहनत करते है तो दोनो को एक दूसरे की तरफ ध्यान देना और एक दूसरे की कामों की तारीफ करना बहुत आवश्यक हैं। यदि यह नहीं होता है तो दोनो के आत्मविश्वास में कमी भी आती है और चिड़चिड़ापन भी आता हैं। इसलिए दोनो अपनी खुशी के पल घर से बाहर देखने लगते है और शादी के बाहर संबंध होने की पूरी संभावना रहती हैं। पति पत्नी अपने परिवार की खुशी, शांति और समृद्धि के लिए पराए स्त्री या पुरुष से संबंधों से बचना चाहिए।

2. भावनात्मक सहयोग न मिलना: जब नई नई शादी होती है तो पति पत्नी शारीरिक रूप के साथ साथ भावनात्मक रूप से भी जुड़ जाते हैं। शुरुआत में दोनो भावनात्मक रूप से एक दूसरे का सहयोग करते हैं। घर की कई परेशानियों को सुलझाने में एक दूसरे का कंधा बनते हैं। दोनो एक दूसरे को भावनात्मक संबल देने का काम करते हैं। लेकिन शादी के कुछ समय बाद पति पत्नी के भावनात्मक लगाव की कमी महसूस होने लगती हैं। दोनो एक दूसरे की समस्या सुलझाने और एक दूसरे को संबल व कंधा देने की जगह, एक दूसरे पर चिल्लाना चालू कर देते हैं, जिससे दोनो के बीच भावनात्मक लगाव की कमी आने लगती हैं। यही कमी से वह शादी के बाहर तीसरे पुरुष या स्त्री से पूरा करने की सोचने लगते हैं। परपुरुष या परस्त्री का भावनात्मक संबल और मजबूत कंधा मिलते ही पति पत्नी एक दूसरे से दूर होने लगता हैं। इसलिए समय रहते पति पत्नी को अपने भावनात्मक लगाव को बड़ाने की ओर ध्यान देना चाहिए ताकि परिवार में खुशी और शांति के साथ आपके जीवन में मधुरता और रस भरे।

3. वैवाहिक जीवन में कड़वाहट का आना: 

अक्सर पति पत्नी के रिश्तों के बीच कड़वाहट आने से उनके जीवन में परस्त्री या परपुरुष की जरूरत महसूस होने लगती हैं। वह दोनो ही लड़ाई झगडे और कड़वाहट से भरे जीवन और रिश्ते से मुक्ति पाना चाहते है और नए हमसफर या पार्टनर की खोज में लग जाते हैं। जब भी पति पत्नी के बीच कड़वाहट आने लगे तो दोनो को शांत मन से बैठकर इस कड़वाहट के कारण और उसको दूर करने के तरीके पर ईमानदारी से काम करना चाहिए तभी आपकी शादी बचेगी और शादी के बाहर के संबंधों पर रोक लगेगी। दोनो को एक दूसरे की कमियों को नजरंदाज कर जीवन में कड़वाहट आने से रोकना चाहिए ताकि जीवन बिना किसी अड़चन के शांतिपूर्वक जी सके। कई बार दोनो के बीच मनमुटाव भी होते हैं, किंतु इन परिस्थितियों को ज्यादा लम्बा नही खींचना चाहिए और माफी मांगकर किसी भी मनमुटाव या गलतफहमी को दूर कर, जीवन में आगे बढ़ना चाहिए।

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